बिहार हेडलाइन, किशनगंज: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सतर्कता विभाग (Vigilance Department) ने किशनगंज में बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार की शाम पटना से आई विजिलेंस की टीम ने खनन विभाग के दो कर्मियों को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों में प्रधान लिपिक अशोक कुमार चौधरी और चपरासी सरोज कुमार सिंह शामिल हैं।
चाय की दुकान पर बिछाया गया था जाल
सतर्कता विभाग के डीएसपी मोहम्मद आसिफ इकबाल अंसारी के नेतृत्व में यह छापेमारी टाउन थाना क्षेत्र के दुमुरिया स्थित एक चाय की दुकान पर की गई। विजिलेंस की टीम ने पूरी प्लानिंग के साथ जाल बिछाया था। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपियों को पैसे दिए, सादे लिबास में तैनात टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
किसे, कितनी रिश्वत लेते पकड़ा?
विजिलेंस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपियों को अलग-अलग राशि के साथ पकड़ा गया है: अशोक कुमार चौधरी (प्रधान लिपिक) को 8,000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। वही एक और सरोज कुमार सिंह (चपरासी)को 7,000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया । दोनों के पास से अवैध धन बरामद होने की भी सूचना है, जिसकी जांच टीम कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता मोहम्मद हबीब आलम का रेत लदा ट्रैक्टर पिछले साल 31 दिसंबर को चकला गांव के पास खनन विभाग ने जब्त किया था। ट्रैक्टर मालिक हबीब आलम ने विभाग द्वारा तय किया गया सारा जुर्माना ऑनलाइन जमा कर दिया था। इसके बावजूद, प्रधान लिपिक और चपरासी कागजी खानापूर्ति और ट्रैक्टर छोड़ने के नाम पर अवैध पैसों की मांग कर रहे थे।
परेशान होकर हबीब आलम ने 16 फरवरी को पटना स्थित सतर्कता कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का सत्यापन होने के बाद विजिलेंस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद सतर्कता विभाग की टीम दोनों आरोपियों को सड़क मार्ग से भागलपुर ले गई है। वहां उन्हें सतर्कता के विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद से जिले के प्रशासनिक गलियारे और खनन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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