
गया (बिहार हेडलाइन): बिहार के गया जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे पुलिस टीम पर भी हमला करने से नहीं कतरा रहे हैं। ताजा मामला मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के खिरियावां स्थित भुइं टोली का है, जहाँ रविवार देर रात एक कुख्यात अपराधी की गिरफ्तारी के लिए पहुंची एसटीएफ (STF) की टीम पर ग्रामीणों ने जानलेवा हमला कर दिया। उग्र भीड़ ने न केवल जवानों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, बल्कि उनकी दो सर्विस पिस्टल भी छीन लीं। इस हिंसक झड़प में तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
छापेमारी के दौरान अचानक भड़की उग्र भीड़
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, स्पेशल टास्क फोर्स की टीम मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चर्चित पेट्रोल पंप हत्याकांड के मुख्य आरोपी मनोज मांझी की तलाश में गांव पहुंची थी। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वांटेड अपराधी इसी इलाके में छिपा हुआ है। टीम सादे लिबास में दबिश देने पहुंची थी, लेकिन ग्रामीणों को गलतफहमी हो गई कि पुलिस शराबबंदी को लेकर छापेमारी करने आई है। इसी शक के आधार पर देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
जवानों पर जानलेवा हमला और हथियार की लूट
स्थिति तब पूरी तरह बेकाबू हो गई जब भीड़ ने पुलिस टीम को चारों ओर से घेर लिया। जवानों ने खुद को बचाने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अपनी सर्विस पिस्टल निकालकर चेतावनी दी, लेकिन इससे भीड़ और अधिक आक्रामक हो गई। ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से जवानों पर हमला बोल दिया। इस मारपीट में मणि कांत दुबे, संतोष चौबे और नीरज पंडित नाम के तीन जवान लहूलुहान हो गए। हमले के दौरान ही उग्र लोगों ने दो जवानों की सरकारी पिस्टल भी लूट ली, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
घायल जवानों की स्थिति और अस्पताल में इलाज
गंभीर रूप से घायल तीनों जवानों को तत्काल अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, दो जवानों के सिर में गहरी चोटें आई हैं, जबकि जवान नीरज पंडित की आंख पर गंभीर जख्म है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने सीटी स्कैन की सलाह दी है और फिलहाल सभी घायलों का सघन उपचार जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही जिले के आला अधिकारी अस्पताल पहुंचे और जवानों का हाल जाना।
भारी पुलिस बल की घेराबंदी और सर्च ऑपरेशन
वारदात की सूचना मिलते ही एसएसपी सुशील कुमार, सिटी एसपी कोटा किरण कुमार और टाउन डीएसपी के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस ने मोर्चा संभाला। भारी पुलिस बल ने खिरियावां गांव को चारों तरफ से घेर लिया और देर रात तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस की इस सख्ती को देखकर गांव के अधिकांश पुरुष और युवक घर छोड़कर फरार हो गए। छापेमारी के दौरान पुलिस ने सात संदिग्धों को हिरासत में लिया है और कई घरों की गहन तलाशी ली गई है।
लूटी गई पिस्टल बरामद और आरोपियों की तलाश
सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को एक बड़ी कामयाबी तब मिली जब सड़क किनारे खेत से लूटी गई दोनों सर्विस पिस्टल बरामद कर ली गईं। हालांकि, पुलिस पर हमला करने वाले मुख्य आरोपी अभी भी पकड़ से बाहर हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हमलावरों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा डालने और हथियार लूटने जैसी संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है।
ब्यूरो रिपोर्ट: बिहार हेडलाइन (गया)