
बिहार हेडलाइन न्यूज डेस्क: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक की वार्षिक परीक्षा आज 17 फरवरी से पूरे राज्य में शुरू हो गई है। बोर्ड द्वारा राज्य भर के परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि परीक्षा पूरी तरह कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण संपन्न हो सके। इस वर्ष की परीक्षा में कुल 15 लाख 12 हजार 687 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिनमें छात्राओं की संख्या 7,85,726 और छात्रों की संख्या 7,26,961 है। बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे परीक्षा के दौरान लगातार क्षेत्रों का भ्रमण करें और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहें।
दो पालियों में आयोजित होगी परीक्षा और विशेष मॉडल सेंटर की व्यवस्था
बिहार बोर्ड ने परीक्षा के बेहतर संचालन के लिए इसे दो पालियों में विभाजित किया है। पहली पाली में 7,58,633 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जबकि दूसरी पाली में 7,54,054 छात्र अपनी परीक्षा देंगे। बोर्ड ने इस बार नवाचार करते हुए हर जिले में चार मॉडल सेंटर भी बनाए हैं, जहाँ परीक्षार्थियों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। पहले दिन दोनों ही पालियों में मातृभाषा विषय की परीक्षा ली जा रही है। परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र पढ़ने और उसे समझने के लिए बोर्ड की ओर से 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी प्रदान किया जा रहा है।
समय पालन और प्रवेश के कड़े नियम
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए समय पालन पर विशेष जोर दिया गया है। बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर के अनुसार, पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 4:45 बजे तक चलेगी। परीक्षार्थियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंच जाएं, क्योंकि मुख्य द्वार को परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे पहले ही बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी स्थिति में किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सुरक्षा के कड़े घेरे में परीक्षा केंद्र और प्रशासन की मुस्तैदी
परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। केंद्र के 200 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू कर दी गई है और परीक्षार्थियों के अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध है। पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने जिले के 70 केंद्रों पर 79,478 परीक्षार्थियों के लिए त्रिस्तरीय मजिस्ट्रेट व्यवस्था लागू की है। इसमें स्टैटिक, गश्ती और जोनल दंडाधिकारियों के साथ-साथ उड़नदस्ता दल भी तैनात किए गए हैं। साथ ही, परीक्षा केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जा रही है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सके।
नकल रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस और सख्त कार्रवाई की चेतावनी
बिहार प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नकल करने या कराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास की सभी फोटोस्टेट दुकानें परीक्षा के दौरान बंद रखने का आदेश दिया गया है। यदि कोई छात्र, अभिभावक या परीक्षा कार्य में लगा कोई कर्मी कदाचार में संलिप्त पाया जाता है, तो उस पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, केंद्र के भीतर मोबाइल फोन या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह वर्जित है, चाहे वह छात्र हो या वहां तैनात पुलिसकर्मी और शिक्षक।